माधव को टाइगर रिजर्व का दर्जा मिलने पर उसकी पहचान केवल नए नाम से नहीं बदली। 7 मार्च 2025 की अधिसूचना ने कोर और बफर को मिलाकर 1,651.387 वर्ग किलोमीटर का क्षेत्र दर्ज किया। राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण की सूची में कोर 375.233 वर्ग किलोमीटर और बफर 1,276.154 वर्ग किलोमीटर है। यानी बाहरी बफर, कोर से तीन गुना से भी ज्यादा बड़ा है।

इस अनुपात से संरक्षण की योजना का पैमाना समझ आता है। कोर वन्यजीवों के महत्वपूर्ण आवास का केंद्र है। NTCA की व्याख्या में बफर वन और गैर-वन भूमि का मिश्रण हो सकता है, जहां स्थानीय लोगों की जरूरतों के साथ सह-अस्तित्व की योजना जुड़ती है। दोनों क्षेत्रों के काम और परिस्थितियां एक जैसी नहीं हैं।

सूखे जंगल के बीच पानी की जगह

माधव की आधिकारिक जानकारी में ऊपरी विंध्य की पहाड़ियां, पठार और नाले उसके भूभाग की विशेषताएं हैं। यहां शुष्क पर्णपाती और कांटेदार वन मिलते हैं। करधई, सलई, धावड़ा और खैर जैसे पेड़ों के बीच खुली जमीन और घास के छोटे हिस्से भी हैं।

दक्षिण की ओर सख्या सागर और माधव सागर जैसी झीलें इस सूखे परिदृश्य में पानी उपलब्ध कराती हैं। सख्या सागर के आसपास घासभूमि के हिस्से और जलीय आवास हैं। इसलिए टाइगर रिजर्व के प्रबंधन में जंगल की सीमाओं के साथ जलाशयों, नालों और दूसरे जीवों के आवास का संबंध भी आता है।

दर्जा और आबादी अलग सूचनाएं हैं

NTCA की 18 अप्रैल 2025 की बैठक के कार्यवृत्त में भी माधव के 7 मार्च को अधिसूचित होने का उल्लेख है। यह नाम, तारीख और संरक्षण क्षेत्र की पुष्टि करता है। टाइगर रिजर्व का क्रमांक या क्षेत्रफल अपने आप बाघों की वर्तमान संख्या नहीं बताता; उसके लिए संबंधित गणना की अलग रिपोर्ट चाहिए।

माधव के संदर्भ में बड़ा बफर इसीलिए महत्वपूर्ण है। कोर के बाहर की जमीन, आसपास के उपयोग और आवासों के बीच संपर्क को संरक्षण योजना में जगह मिलती है। अधिसूचना इस भूभाग की औपचारिक रूपरेखा देती है; स्थानीय कार्यक्रमों और उनके परिणामों का आकलन उनके अलग अभिलेखों से होगा।

शिवपुरी के पाठक के लिए नए दर्जे को समझने का सबसे साफ आधार यही है: एक संरक्षित केंद्र, उससे कहीं बड़ा बाहरी क्षेत्र और इनके बीच जुड़े जंगल, घास तथा पानी के आवास।

मुख्य बातें

  • कोर क्षेत्र 375.233 वर्ग किलोमीटर और बफर 1,276.154 वर्ग किलोमीटर है।
  • NTCA की सूची में माधव का अधिसूचना वर्ष 2025 है।
  • बफर की योजना में वन्यजीव संरक्षण के साथ स्थानीय उपयोग और सह-अस्तित्व का संदर्भ रहता है।

स्रोत और संदर्भ

  1. मध्यप्रदेश राजपत्र / NTCA · अधिसूचना For-2-0012-2022-X-2 ↗7 मार्च 2025
  2. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण · Tiger Reserve List ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  3. राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण · 27th NTCA meeting minutes; meeting 18 April 2025 ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं
  4. माधव टाइगर रिजर्व · Forest Type ↗प्रकाशन-तिथि उपलब्ध नहीं

सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।

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